एमी विर्क के पिता बने सरपंच: सर्वसम्मति से जीते लोहार माजरा चुनाव
पंजाब के मशहूर गायक एमी विर्क के पिता कुलजीत सिंह को पटियाला जिले के नाभा ब्लॉक के लोहार माजरा गांव का सरपंच चुना गया है। यह चुनाव गांववालों द्वारा सर्वसम्मति से किया गया है, जिससे उनकी जनता के प्रति विश्वास और समर्थन का स्पष्ट संकेत मिलता है। कुलजीत सिंह को इस उपलब्धि के लिए लड्डुओं वितरित कर ग्रामीणों ने मुंह मीठा करके खुशी का इजहार किया। कुलजीत सिंह का समाज कल्याण में पहले से ही योगदान है और अब उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे पूरे जोश और मेहनत से निभाने के लिए तैयार हैं।
कुलजीत सिंह ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय गांव की महिलाओं एवं निवासियों द्वारा लिया गया है। इस प्रक्रिया में गांव की चित्कार को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह अपनी उपलब्धियों को और बढ़ाने का प्रयास करेंगे और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत रहेंगे। उनका उद्देश्य गांव की तस्वीर को बेहतर बनाना और हर नागरिक की भलाई के लिए काम करना है। इस संदर्भ में, गांव के पंच गुरचरण सिंह सेखों ने भी इस निर्णय की सराहना की है, जो दर्शाता है कि सबका समर्थन कुलजीत सिंह के प्रति है।
गांव लोहार माजरा, जहां एमी विर्क का परिवार निवास करता है, अब उनकी प्रसिद्धि के साथ-साथ कुलजीत सिंह के कार्यों के लिए भी जाना जाएगा। इस गांव का नाम एमी विर्क के साथ जुड़ने से न केवल उनकी पहचान को बल मिलेगा, बल्कि कुलजीत सिंह द्वारा किए जाने वाले सामाजिक कल्याण कार्यों को भी प्रमोट करेगा। यह चुनाव समिति के बीच एकता और सहयोग का प्रतीक है, जो भविष्य में गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस संदर्भ में यह स्पष्ट है कि कुलजीत सिंह की सरपंच के रूप में नियुक्ति स्थानीय राजनीति में एक नई दिशा दे सकती है। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता समुदाय की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझना और उन पर कार्य करना होगा। गांववालों के समर्पण और समर्थन के साथ, उम्मीद की जा रही है कि यह चुनाव गांव के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस तरह के चुनाव में गाँव वालों की सामूहिकता और उनकी सोच को प्राथमिकता देना, एक सशक्त समुदाय के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुलजीत सिंह ने ये भी कहा कि वह अपनी भूमिका को गंभीरता से लेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे ताकि गांव की समृद्धि में योगदान कर सकें। निश्चित रूप से, यह उनकी नई जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं है, बल्कि अपने गाँव की सामाजिक ढांचे को मजबूत करने का एक अवसर है।









