रायपुररानी फायरिंग केस: कांग्रेस काफिले पर हमला कर USA भागने की तैयारी में था आरोपी, गिरफ्तार!
हरियाणा के पंचकुला जिले के रायपुररानी में कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के काफिले पर फायरिंग के गंभीर मामले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विशेष जांच दल ने इस घिनौनी वारदात में संलिप्त दूसरे आरोपी सुशील को गिरफ्तार कर लिया है, जो रामपुर का निवासी है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश करने के बाद छह दिन के रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस अब सुशील से पूछताछ करेगी, ताकि मुख्य आरोपी सिमू गोल्डी और उसके अन्य साथी, साथ ही फायरिंग करने वाले तीन आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले 27 सितंबर को एक अन्य आरोपी विशाल की गिरफ्तारी हुई थी, जिसने बाद में सुशील तक पहुंचने में पुलिस की मदद की। साक्ष्यों के अनुसार, सिमू गोल्डी, जो कि अमेरिका में स्थित है, इस जघन्य गतिविधि का मुख्य साजिशकर्ता है। सुशील, जो कि गोल्डी का करीबी सहयोगी माना जाता है, इस घटना में शामिल था और पुलिस के जलाल से बचने के लिए अमेरिका भागने की योजना बना रहा था। लेकिन पुलिस ने सही समय पर उसे रायपुररानी के आसपास से गिरफ्तार कर लिया, जिससे एक बड़ी साजिश को रोकने में मदद मिली।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि पुरानी रंजिश के चलते सिमू गोल्डी ने इस हमले की योजना बनाई थी। सुशील और विशाल ने मिलकर सिमू के निर्देश पर फायरिंग का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह वारदात राजनीतिक पृष्ठभूमि से प्रेरित हो सकती है, और इसलिए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। खासकर जब से इसे एक बड़ी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है, पुलिस हर कोण से जांच कर रही है।
इस फायरिंग की घटना ने क्षेत्र में एक तरह का आतंक फैला दिया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले से जुड़े सभी संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार करने के प्रयास में हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने वारदात के पीछे की मूल वजह और साजिशकर्ताओं के नेटवर्क को उजागर करने के लिए भी ठोस कदम उठाए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा सबसे पहले है और इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस गिरफ्तारी की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि पुलिस अब गंभीरता से इस मामले की तहकीकात कर रही है और सभी संभावित सुरागों को महसूस किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफतारियां संभव हैं, जिससे पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो सके। पुलिस की इस सफलता ने जनता में विश्वास को बढ़ाया है कि वे जल्दी ही न्याय पाकर रहेंगे।









