जलालाबाद में नामांकन के दौरान हंगामा: महिला उम्मीदवार की फाइलें फाड़ी, लाठीचार्ज, पुलिस जांच शुरू

पंजाब के जलालाबाद में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान सुरक्षात्मक माहौल में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहां गांव मोहकम अराइयां से सरपंच पद के लिए नामांकन करने आई महिला उम्मीदवार कुलविंदर कौर की फाइलें अचानक फाड़ दी गईं। यह घटना उस समय हुई जब कुलविंदर कौर नामांकन केंद्र में अपनी फाइलें जमा करने गई थीं। दो महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। इसके अलावा, नामांकन केंद्र के बाहर हुई हिंसक घटनाओं के चलते अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, कुलविंदर कौर की फाइलें छीनने और उन्हें फाड़ने के साथ ही उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। कुलविंदर कौर ने जब पहल की, तब उसके साथ मौजूद आरोपियों ने न केवल फाइलें छीन लीं, बल्कि उसे अपमानित भी किया। इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया के संबंध में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और स्थानीय पुलिस ने इस संदर्भ में तत्परता से कार्रवाई की है। मामले में न केवल प्रत्यक्ष रूप से शामिल व्यक्तियों के खिलाफ, बल्कि अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस घटनाक्रम में प्रेमजीत पुत्र हंसराज, जोतप्रीत पत्नी प्रेमजीत और शिलोबाई पत्नी हंसराज नामक तीन लोगों को नामांकित किया गया है। ये सभी लोग उस दुष्कृत्य में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे जिसके कारण कुलविंदर कौर को यह अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, नामांकन केंद्र के बाहर कुछ अज्ञात व्यक्तियों के बीच मुठभेड़ का भी मामला सामने आया, जिसमें धारदार हथियारों, तलवारों और लाठी-डंडों का उपयोग किया गया।

इतना ही नहीं, पुलिस ने यह भी बताया है कि कार्यक्रम के दौरान अज्ञात लोग आपस में भिड़ गए थे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। इस प्रकार की गुंडागर्दी ने निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है। ऐसे मामलों में सुरक्षा के दृष्टिकोण को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

पुलिस द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और उन्होंने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है बल्कि यह भी दर्शाया है कि पंचायत चुनावों के दौरान सुरक्षा के प्रति जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है।