केला पेड़ (कदली) फल काटने के साथ बंगीया समाज का शारदीय दुर्गा पूजा का हुआ आगाज

केला पेड़ (कदली) फल काटने के साथ बंगीया समाज का शारदीय दुर्गा पूजा का हुआ आगाज

कांकेर, 3 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के छोटे कापसी में शारदीय सार्वजनिक दुर्गा एवं काली पूजा समिति कापसी के द्वारा माँ दुर्गा की पूजा में भोग में लगने वाले केला पेड़ (कदली) फल काटने के साथ शारदीय दुर्गा पूजा का आगाज हुआ। मां दुर्गा की पूजा में भोग लगाने के लिए विधि विधान से केला पेड़ से कदली फल काटा गया। मंदिर के पुजारियों व पूजा कमेटी के सदस्य, ग्रामवासी सहित महिलाओं ने ढोल की थाप के साथ केला पेड़ (कदली) फल काटने के लिए शोभायात्रा निकाल कर स्थल तक पहुंचे। पुरोहित राधा माधव मेहीत्रो द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कदली वृक्ष की पूजा अर्चना की गई, जिसके बाद श्रद्धा व भक्ति भाव से पेड़ से कदली फल काटकर मंदिर लाया गया। इसी फल से मां दुर्गा की पूजा में भोग लगेगा। इसी के साथ बंगीया (बंगाली) समाज के द्वारा मां दुर्गा की पूजा का आगाज हो गया। समिति एवं ग्रामवासी द्वारा 9 अक्टूबर को अधिवास व षष्ठी पूजा के साथ मां दुर्गा की पांच दिवसीय शारदीय पूजा का शुभारंभ होगा।

समिति के अध्यक्ष मनमथ मंडल ने बताया कि सर्व प्रथम केले वृक्ष की पूजा विधि विधान से की जाती। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच केले की कांद को पेड़ से काटा गया। इसे मंदिर प्रांगण में स्थापित किया गया। अध्यक्ष ने बताया कि मां के चरणों में प्रसाद स्वरूप फल को चढ़ाने के लिए प्रथम नवरात्र से ठीक पहले श्राद्ध अमावस्या की समाप्ति के बाद कच्चे केले की कांद को मंदिर में रखा जाता है। इसे षष्ठी से प्रतिदिन प्रसाद स्वरूप मां के चरणों में चढ़ाया जाता है।

केला पेड़ (कदली) पूजा के दौरान पूजा कमेटी कापसी अध्यक्ष अध्यक्ष मनमथ मण्डल (मुन्ना),उपाध्यक्ष शोभन बेनर्जी,सचिव सुब्रत दत्ता,गौतम हालदार,कमलेश केदावत,दीपक दास (मलय), मनोज खण्डेलवाल, सुखेन्दु दास, प्रशांत साना,वरूण बैरागी, असीत मंडल,नीतु पाल,सुभाष,तारक कुण्डु,आकाश सरकार,नृपेंद्र सरकार,संरक्षक मोहन मल्लीक,दीपक सरकार, आशुतोष विश्वास, अर्पण बेनर्जी,सलाहकार बापन सरकार, शिबु कुण्ड,पवित्र भद्र,सिल्टु साहा,सुरज मण्डल,भोला दास आदि सहित ग्रामवासि मौजूद थे।

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