पंचकूला में फर्जी पुलिस बनकर बुजुर्ग से 9 लाख की साइबर ठगी!

साइबर अपराधियों ने एक बार फिर से फर्जी पहचान और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए लोगों को ठगने के मामलों को बढ़ा दिया है। हाल ही में पंचकूला के सेक्टर-6 में एक बुजुर्ग व्यक्ति, मनोहर सिंह, ने अपने साथ हुई 9 लाख रुपए की ठगी के बारे में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर मनोहर को डराया और बताया कि उनके नाम पर एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है। इस धोखाधड़ी में उन्होंने बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाने के लिए डिजिटल दस्तावेज भेजे, ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके।

30 सितंबर को मनोहर सिंह के पास व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई, जिसमें व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक खतरनाक गतिविधि की गई है। ठग ने मनोहर को एक डेबिट कार्ड और पासबुक की फर्जी कॉपी भेजी, लेकिन कुछ ही समय बाद उन दस्तावेजों को हटा दिया गया। जब मनोहर ने बताया कि उनका केनरा बैंक में कोई खाता नहीं है, तो जालसाज ने उन्हें झूठा डर दिखाते हुए कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया गया है।

आरोपियों ने मनोहर से यह भी कहा कि उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा और न ही किसी से बात करने की अनुमति होगी। इसके बाद, एक वीडियो कॉल के माध्यम से, उन्होंने एक व्यक्ति को पुलिस की वर्दी में दिखाकर मनोहर को और भी यकीन दिलाने की कोशिश की। मनोहर को यह सलाह दी गई कि यदि वे निर्दोष हैं, तो उन्हें 9 लाख रुपए एक निर्दिष्ट बैंक खाते में जमा कराए बिना मुक्ति नहीं मिलेगी। इस धमकाने के चक्रव्यूह में फंसकर मनोहर ने 9 लाख रुपए अपने बैंक खाते से ट्रांसफर करवा लिए।

जैसे ही मनोहर को समझ आया कि वह ठगी का शिकार बने हैं, उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने आम जन को जागरूक करते हुए कहा कि डिजिटल गिरफ्तारी का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। ऐसे मामलों में आमतौर पर भय फैलाने के लिए झूठे दावे किए जाते हैं। अगर किसी को इस तरह की धमकी मिले, तो यह स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी का मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

साइबर ठगी के इस प्रकार के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे सामान्य लोग चिंतित हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सजग रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत रिपोर्ट करें। साइबर पुलिस ने भी लोगों को सलाह दी है कि उन्हें किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लेना चाहिए और बिना पुष्टि किए अपने धन का किसी भी खाते में ट्रांसफर नहीं करना चाहिए।