बठिंडा में हंगामा: ट्रैफिक कर्मी ने युवक को मारा थप्पड़, पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा!
बठिंडा में ट्रैफिक पुलिसकर्मी के खिलाफ गुंडागर्दी की एक घटना सामने आई है, जिसने इलाके में हंगामा मचा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब एक कैंटर चालक फौजी चौंक से गुजर रहा था, तब ट्रैफिक पुलिस अधिकारी रणजीत सिंह ने उसे रोक कर कागजात दिखाने के लिए कहा। इसी दौरान सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी इस कैंटर चालक और ट्रैफिक अधिकारी के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर पुलिसकर्मी ने अचानक कैंटर चालक का मोबाइल फोन छीन लिया और अपने जेब में रख लिया। जब कैंटर चालक ने उसे रोकने की कोशिश की, तो रणजीत सिंह ने उसे थप्पड़ मारा और उससे बदसलूकी की।
कैंटर चालक ने दावा किया कि उसके पास सभी आवश्यक कागजात मौजूद हैं और यदि कुछ कमी होती, तो उचित कार्रवाई के तहत चालान किया जाना चाहिए था। उसने स्पष्ट किया कि यह सब कुछ निराधार था और उसे बिना किसी वजह के पीटा गया। जबकि दूसरी ओर, ट्रैफिक पुलिसकर्मी रणजीत सिंह का कहना है कि कैंटर चालक ने नो एंट्री के क्षेत्र में अपनी गाड़ी चलाई थी। उनका तर्क था कि जब उन्होंने दस्तावेज मांगें तो चालक ने ‘फोटो कॉपी’ दिखाई और उनके साथ बदतमीजी की, जिसके कारण स्थिति बिगड़ गई।
इस मामले में ट्रैफिक इंचार्ज मनजीत सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक कर्मचारी रणजीत सिंह ने सही तरीके से कैंटर को बाउंड किया था और आरोप लगाया कि कैंटर चालक ने अभी तक किसी प्रकार की मारपीट की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मनजीत सिंह ने यह भी कहा कि यदि कोई उचित शिकायत होती है, तो वह इसकी जांच करेंगे।
इस घटना की स्थानीय स्तर पर काफी निंदा की गई है, और लोगों ने ट्रैफिक पुलिस के इस आचरण को लेकर सवाल उठाए हैं। कई नागरिकों का मानना है कि पुलिस अधिकारी को अपनी स्थिति के साथ संयम से पेश आना चाहिए था, और कैंटर चालक के साथ इस तरह की हिंसा के लिए कोई भी बहाना स्वीकार्य नहीं है। इस विवाद ने बठिंडा में ट्रैफिक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक नई बहस छेड़ दी है।
संक्षेप में कहें तो पिछली घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ट्रैफिक पुलिस के कामकाज में सुधार की आवश्यकता है। आम जनता को ऐसे घटनाक्रमों से सुरक्षा मिलनी चाहिए और अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। इसतरह की घटनाओं से न केवल नागरिकों का विश्वास कानून और व्यवस्था में कमजोर होता है, बल्कि इसे लेकर विवाद भी बढ़ता है। अब देखना है कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और आगामी समय में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाएगा।









