फिनलैंड में ट्रेनिंग लेंगे पंजाब के प्राइमरी टीचर: दिल्ली में हुआ भारी-भरकम एमओयू साइन!

पंजाब के प्राइमरी स्कूलों में अब फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली को अपनाया जाएगा। इस दिशा में पंजाब सरकार ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दिल्ली में फिनलैंड एंबेसी में सम्पन्न हुआ, जिसमें पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री व आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेता मनीष सिसोदिया ने भाग लिया। बैंस ने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया पेज पर जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने समझौते की महत्ता पर जोर दिया है।

इस कार्यक्रम के तहत, पंजाब के 72 प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को फिनलैंड में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह प्रशिक्षण तीन सप्ताह का होगा, जिसमें शिक्षकों को फिनलैंड की अत्याधुनिक और प्रभावी शिक्षण विधियों से अवगत कराया जाएगा। पंजाब सरकार ने मंगलवार को इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि बच्चों को समग्र रूप से समझने और उनके विकास में सहायता करने की विधियों से भी प्रशिक्षित करना है।

शिक्षा विभाग ने इच्छुक शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षकों का चयन केवल भेजे गए आवेदनों के आधार पर किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से, पंजाब सरकार का लक्ष्य न केवल शिक्षकों की क्षमताओं को विकसित करना है बल्कि पूरे शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना भी है। फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली विश्व स्तर पर जानी-मानी है और इसका उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

पंजाब में इस नए प्रशिक्षण कार्यक्रम के लागू होने से शिक्षा के स्तर में स्पष्ट सुधार होने की उम्मीद है। शिक्षकों को मौजूदा शिक्षा विभाग की अवसरवादी व्यवस्थाओं से बाहर निकलकर नई और रुचिकर विधियों के बारे में सीखने का मौका मिलेगा। इस प्रकार, यह पहल बच्चों के लिए बेहतर सीखने के माहौल के निर्माण में सहायक साबित होगी, जिससे उनका समग्र विकास संभव होगा। पंजाब सरकार इस प्रयास से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विद्यार्थी न केवल किताबों से सीखें, बल्कि वे अपने अनुभवों के माध्यम से भी ज्ञान अर्जित करें।

इस प्रकार, पंजाब सरकार की यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता को एक नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों ही फिनलैंड की उन्नत शिक्षण विधियों का लाभ उठा सकेंगे।