जालंधर में ED की बड़ी कार्रवाई: 22.78 करोड़ की संपत्ति जब्त, पूर्व कांग्रेस मंत्री पर शिकंजा!
जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री भारत भूषण शर्मा पर घोटाले के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। इस संदर्भ में पंजाब के विभिन्न स्थानों पर कई व्यक्तियों की संपत्तियों को सीज किया गया है, जिनकी कुल मूल्य 22.78 करोड़ रुपए है। यह कार्रवाई खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय में हुए टेंडर घोटाले के सिलसिले में की गई है। ईडी ने इस मामले में एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है उनमें लुधियाना, मोहाली और खन्ना समेत अन्य स्थानों पर अचल संपत्तियां, फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें (एफडीआर), सोने के आभूषण, बुलियन और बैंक खातों के रूप में चल संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी की जांच के अनुसार, घोटाले के समय भारत भूषण शर्मा पंजाब सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री थे। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। ईडी की जांच में यह पता चला कि मंत्री ने टेंडर आवंटन के दौरान विशेष ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया और इसके बदले उनसे रिश्वत ली गई।
अधिकारियों ने खुलासा किया है कि इस घोटाले को अंजाम देने में कई अन्य व्यक्तियों का भी हाथ रहा है, जिनमें राजदीप सिंह नागरा और राकेश कुमार सिंगला जैसे ठेकेदार शामिल हैं। बताया गया है कि रिश्वत के पैसे को फर्जी संस्थाओं के माध्यम से चल तथा अचल संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया। ईडी ने इससे पहले इस मामले में पंजाब के विभिन्न स्थानों पर 28 जगहों पर छापेमारी की थी, जो 24 अगस्त 2023 और 4 सितंबर 2023 को की गई थीं।
इसके अलावा, ईडी ने भारत भूषण शर्मा उर्फ़ आशु और उनके करीबी सहयोगी राजदीप सिंह नागरा को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारियां क्रमशः 1 अगस्त 2024 और 4 सितंबर 2024 को की गईं, और दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, और कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, ईडी की कार्रवाई पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह आगे चलकर राज्य में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।









