मोगा की महिला से 1.9 करोड़ की ठगी: दिल्लीवासी ने पति की संपत्ति हथियाई!

पंजाब के मोगा इलाके की एक महिला के साथ एक ऐसे व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने दिल्ली में रहने के दौरान उसे एक करोड़ नौ लाख रुपये हड़प लिए। इस संबंध में पुलिस ने साइबर क्राइम से जुड़े मामले का रजिस्ट्रेशन करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी जसविंदर सिंह ने बताया कि मोगा की रहने वाली रूपिंदर कौर ने शिकायत में उल्लेख किया है कि उसके पति अमरिंदर सिंह ने कई कंपनियों के शेयर खरीदे थे। पति की इच्छानुसार, सभी शेयरों पर उसका नाम नॉमिनी के तौर पर दर्ज था। अमरिंदर की अचानक हुई मृत्यु के बाद, रूपिंदर ने दिल्ली के व्यक्ति मनजीत सिंह से संपर्क किया था।

रूपिंदर ने मनजीत से अनुरोध किया था कि पति के शेयरों की बिक्री से प्राप्त धनराशि उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए। इस प्रक्रिया के दौरान, मनजीत सिंह ने अपनी धोखाधड़ी से एक करोड़ नौ लाख रुपये रूपिंदर के खाते में नहीं भेजकर अपने खुद के खाते में डलवा लिए। जब रूपिंदर ने मनजीत से पैसे के ट्रांसफर की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी, तो मनजीत ने साफ-साफ इनकार कर दिया। इसके बाद से आरोपी का फोन भी बंद हो गया है और वह सभी संपर्कों से दूर हो गया है।

रूपिंदर की परेशानियों को देखते हुए, मोगा पुलिस ने साइबर सेल में मनजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला न केवल एक व्यक्ति द्वारा की गई धोखाधड़ी है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए चेतावनी भी है जो ऑनलाइन लेन-देन करते हैं। उन्होंने बताया कि अगली कार्रवाई में आरोपी के बैंक ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया जाएगा ताकि उसकी पहचान को और स्पष्ट किया जा सके और आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत हासिल किए जा सकें।

इस मामले में रूपिंदर को काफी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है, क्योंकि उसने अपने पति की मौत के बाद अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए योजना बनाई थी। अब धोखाधड़ी की शक्ल में उसे एक बड़ी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें और अपने व्यक्तिगत जानकारी को साझा करने में सतर्क रहें। धोखाधड़ी के इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराधी किस प्रकार से लोगों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं, और किस तरह से यह केवल एक वित्तीय हानि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी प्रभावित करता है।

साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, पुलिस विभाग ग्राहकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियानों की योजना बना रहा है। उनका लक्ष्य है कि लोग साइबर क्राइम से संबंधित मामलों को पहचानें और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में मदद करें। मामले की आगे की सुनवाई में पुलिस जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि रूपिंदर को न्याय और उसकी धनराशि की वापसी की संभावना का आश्वासन दिया जा सके।