पंजाब में उधम: पूर्व सैनिक ने नाबालिग बेटे संग अंकल को घर में घुसकर गोली मारी

पंजाब के अमृतसर जिले के सरहाला गांव में एक घिनौनी वारदात सामने आई है, जिसमें एक पूर्व फौजी और उसके बेटे ने मिलकर एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। बुजुर्ग भगवंत सिंह की हत्या के पीछे का कारण बच्चों के बीच का झगड़ा बताया जा रहा है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस सभी घटनाओं का आरंभ बच्चों के झगड़े से हुआ, जब मृतक ने एक नाबालिग को डांट दिया था।

हरजिंदर सिंह, जो मृतक के रिश्तेदार हैं, ने जानकारी दी कि यह घटना शाम के समय हुई थी। भगवंत सिंह, जो रात के समय भैंसों का दूध निकालकर लौटे थे, अचानक 2 गाड़ियों में आए हमलावरों द्वारा गोलीबारी का शिकार बन गए। उन्होंने बताया कि यह मामला सिर्फ बच्चों के स्कूल में हुई हल्की-फुल्की लड़ाई का था और मृतक के परिवार से उनकी कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। इस तरह की दीवानगी का शिकार हो जाना एक निर्दोष आदमी के लिए बहुत दुखदायी है।

मृतक के भतीजे मनजिंदर, जो दुबई में काम करते हैं, ने इस हत्या को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी जब आए तो उनकी बुआ ने उन्हें बैठने को कहा था ताकि बच्चों की समस्या का समाधान किया जा सके, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी और भगवंत सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मनजिंदर ने यह चिंता जताई कि पंजाब के माहौल में तेजी से बिगड़ रही स्थिति को सरकार को उचित ढंग से नियंत्रित करना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, इस वारदात की शुरुआत पड़ोसी गांव मार्डी में हुई थी। अमनप्रीत सिंह का नाबालिग बेटा भगवंत सिंह की पोती के साथ स्कूल में किसी बात को लेकर झगड़ा कर बैठा था। इसी झगड़े के चलते भगवंत ने बच्चे को डांटा था। इसके कुछ समय बाद ही रात को अमनप्रीत अपने बेटे और कुछ अन्य लोगों के साथ भगवंत के घर पहुंचा और निर्दयतापूर्वक उन पर गोलियां चलाईं। घटना के बाद सभी आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है।

इस मामले पर मजीठा के DSP जसपाल सिंह ने जानकारी दी है कि इस वारदात में कुल 6 लोग शामिल थे, जिनमें से तीन मुख्य आरोपियों को शिनाख्त कर लिया गया है। पुलिस की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसी घटनाएं समाज में बर्बरता को दर्शाती हैं। इस वारदात ने ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है, जिससे सभी चिंतित हैं। अब देखना यह है कि क्या सरकार और स्थानीय प्रशासन इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।