भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

आदिम जनजाति समाज के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराये मुख्यमंत्री

रांची,11 सितंबर (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार काे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल दिन-ब-दिन बदतर होता जा रहा है। आए दिन आदिवासी खासकर विलुप्त हो रहे आदिम जनजाति समाज के भाई-बहनों की मौत इलाज के अभाव में हो रही है। प्रशासन जिम्मेदारी लेने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहा है।

बाबूलाल ने साहिबगंज की घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि सिमरिया गांव निवासी आदिम जनजाति पहाड़िया मथियम मालतो की छह साल की बेटी गोमदी पहाड़िन, जो डेंगू से पीड़ित थी, की इलाज के अभाव में जान चली गयी. पिता डॉक्टरों की तलाश में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक भागते रहे, मगर कहीं भी डॉक्टर नहीं मिले, जिसके कारण पिता की गोद में ही बच्ची ने अपना दम तोड़ दिया।

बाबूलाल ने दुमका की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि गोपीकांदर प्रखंड के कुंडा पहाड़ी गांव विलुप्तप्राय पहाड़िया जनजाति की 19 वर्षीय गर्भवती महिला प्रिंसिका महारानी की समय पर एंबुलेंस और इलाज न मिल पाने के कारण जान चली गई। तीसरी घटना जामताड़ा जिले के करमाटांड प्रखंड के नेंगराटांड गांव की है, जहां अज्ञात बीमारी से पिछले 22 दिनों के अंदर आदिम जनजाति (पहाड़िया) परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गयी है. अभी भी 10 से अधिक लोग अलग-अलग बीमारी से ग्रसित हैं।

पत्र में कहा है कि झारखंड में समय पर इलाज न हो पाने के कारण आए दिन प्रदेशवासियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लूट-खसोट में लिप्त है। पैसे लेकर डॉक्टरों को मनचाहा पोस्टिंग देकर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रही है। दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों का पदस्थापन नहीं रहने के कारण मरीज इलाज नहीं करा पा रहे हैं।

बाबूलाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है घटनाओं का संज्ञान लेते हुए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर मौत के रहस्यों को सार्वजनिक करें। संलिप्त व्यक्ति,संस्था,डॉक्टर और अस्पतालों पर कड़ी करवाई करें। साथ ही साथ झारखंड के सभी लोगों के लिए इलाज के पुख्ता इंतजाम कराने के लिए समुचित कार्रवाई भी करें।

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