rudreshwar-temple-complex-devepment

रुद्री में 20 करोड़ की लागत से विकसित होगा रुद्रेश्वर मंदिर परिसर

धमतरी, 12 मार्च । जिले के प्राचीन और आस्था के प्रमुख केंद्र रुद्रेश्वर मंदिर परिसर को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। प्रस्तावित योजना के तहत लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा, जिससे यह स्थल श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सके।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने रुद्रेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंदिर तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, कला मंच और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

योजना के तहत मंदिर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा आकर्षक ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर नहर के किनारे तैयार किया जाएगा, जहां हरित पट्टी, फूलों के बगीचे, आकर्षक सड़क डिजाइन और पैदल चलने वालों के लिए पाथ-वे बनाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्राकृतिक और सौंदर्यपूर्ण वातावरण का अनुभव मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में भव्य स्वागत द्वार का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो व्यवस्थित पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जाएगा। परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए महानदी तट पर लगभग 15 फीट ऊंची आकर्षक प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना है, जो इस स्थल की नई पहचान बनेगी।

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां बोटिंग सुविधा भी विकसित की जाएगी। साथ ही घाटों का सौंदर्यीकरण, बैठने की बेहतर व्यवस्था, हरित विकास और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की जाएगी, जिससे यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सके। प्रशासन के अनुसार इस परियोजना का त्रि-आयामी (थ्री-डी) माडल भी तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत तीन मंजिला धर्मशाला, भोजन कक्ष, भोजनशाला, सभागार, गार्डन, स्वागत द्वार और अन्य यात्री सुविधाओं का सुव्यवस्थित विकास किया जाएगा।

इस अवसर पर एसडीएम धमतरी पीयूष तिवारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता चहल सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।