पीएम आवास योजना की सब्सिडी के लिए दस्तावेज देरी से भेजे, बैंक पर लगाया हर्जाना
जयपुर, 31 मार्च । जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-3 ने पीएम आवास योजना के तहत लिए होम लोन की सब्सिडी के लिए दस्तावेज देरी से भेजने के चलते लाभ से वंचित रहने को सेवा दोष माना है। इसके साथ ही आयोग ने विपक्षी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 11 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। वहीं सब्सिडी राशि 2.67 लाख रुपए परिवाद पेश करने की तिथि से नौ फीसदी ब्याज सहित अदा करने को कहा है। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार ने यह आदेश बिंदु चौधरी व अन्य की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद में अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार शर्मा ने आयोग को बताया कि परिवादी ने विपक्षी बैंक से करीब पांच साल पहले होम लोन लिया था और पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के लिए आवेदन किया था। विपक्षी ने परिवादी को आश्वस्त किया था कि उनकी ओर से सब्सिडी राशि 2.67 लाख रुपए दिलाने के लिए समस्त जरूरी कार्रवाई की जाएगी। परिवाद में कहा गया कि सब्सिडी के लिए बैंक के पोर्टल पर फाइल अप्रूव कर अपलोड की गई थी, लेकिन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने करीब पांच माह बाद 30 मार्च, 2022 को इसे फाइनल अप्रूव किया। इसके अगले दिन ही 31 मार्च को सब्सिडी स्कीम बंद हो गई। जिसके चलते परिवादी को सब्सिडी का लाभ नहीं मिला। परिवाद में कहा गया कि विपक्षी की देरी के कारण उसे सब्सिडी से वंचित होना पडा। ऐसे में उसे मुआवजा और सब्सिडी दिलाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने बैंक पर हर्जाना लगाते हुए उसे ब्याज सहित सब्सिडी राशि अदा करने को कहा है।









