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सोन पाइपलाइन योजना से हुसैनाबाद की उपेक्षा, पूर्व मंत्री ने दी आंदाेलन की चेतावनी

पलामू, 11 मार्च । पलामू पूरे देश में ड्राई जोन माने जाने वाला इलाका है, प्रत्येक दूसरे वर्ष पलामू का इलाका सूखे का सामना करता है। पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि यहां के खेतों की प्यास बुझाने के लिए सोन पाइपलाइन परियोजना से पानी पहुंचाने की योजना को स्वीकृति दिलाने में उन्होंने काफी प्रयास किया था। पानी पहुंचाने के लिए 1500 एमएम व्यास का टनल बनाया जाना है। इससे करीब 02 लाख घरों तक भी पानी पहुंचाया जाएगा।

पूर्व मंत्री कमलेश ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में विधानसभा में इस मामले को उठाया था। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहले चरण में छत्तरपुर और हुसैनाबाद के खेतों तक पानी पहुंचाने की घोषणा की थी। सोन पाइपलाइन परियोजना के तहत सोन नदी से पानी को निकाल कर जलाशय और नहर तक ले जाने की योजना है।

वहीं छत्तरपुर और हुसैनाबाद के आधा दर्जन से अधिक जलाशयों को पानी उपलब्ध करवाने की योजना है। समुद्र तल से करीब 400 मीटर ऊपर पाइपलाइन बिछायी जाएगी। पंपिंग स्कीम, पावर ग्रिड और अलग ट्रांसमिशन नेटवर्क से पानी को जलाशयों तक पहुंचाया जाना है, लेकिन छत्तरपुर हुसैनाबाद के बतरे, बटाने, कारबार, लंगड़ी, हडही, जिंजोई, सिरनिया, का सीसोत सहित अन्य जलाशय में पानी उपलब्ध कराने की योजना पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।

पूर्व मंत्री कमलेश ने बताया कि पहले चरण की परियोजना के पूरे होने के बाद दूसरे चरण में पाइप लाइन से पलामू के पाटन-बिश्रामपुर और मेदिनीनगर का इलाका जोड़ा जाना था। मगर जनप्रतिनिधि की उदासीनता की वजह से इस योजना को बिल्कुल उलट दिया गया है। पहले चरण में हुसैनाबाद को पानी नहीं दिया गया तो भाजपा जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होगी।

पूर्व मंत्री ने कहा कि वह इस मामले को लेकर विभागीय चीफ इंजीनियर से मिल कर प्रथम चरण में हुसैनाबाद को पानी उपलब्ध कराने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रथम चरण में हुसैनाबाद को पानी देने की व्यवस्था नहीं की गई तो वे जोरदार आंदोलन करेंगे।