तिलैया डैम से किसानों को नहीं मिल पा रही सिंचाई सुविधा : मनोज
रांची, 12 मार्च । विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक मनोज यादव ने सिंचाई विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए गुरुवार को राज्य की सिंचाई व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड एक पठारी और वन क्षेत्र वाला राज्य है, जहां कृषि काफी हद तक मॉनसून पर निर्भर रहती है, बावजूद इसके राज्यभर के किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसलिए पलायन की समस्या पैदा हुई है।
विधायक ने कहा कि तिलैया डैम जैसे बड़े जल संसाधन होने के बावजूद किसानों को बरही क्षेत्र में पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके कारण खेती प्रभावित हो रही है। कई किसानों को रोजगार की तलाश में पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने सदन में बरकठा क्षेत्र की पाइपलाइन योजना के लंबे समय से लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही लोटिया जलाशय के गेट टूटे होने की समस्या की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। विधायक ने यह भी कहा कि बक्सा डैम की नहर निर्माण योजना वन विभाग से संबंधित बाधाओं के कारण अटकी हुई है, जिसे जल्द दूर किया जाना चाहिए।
उन्होंने विभागीय मंत्री को सुझाव देते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में लिफ्ट सिंचाई की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए और छोटे-बड़े तालाबों की नियमित सफाई कराई जाए। इससे किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिल सकेगा और खेती की स्थिति में सुधार आएगा।
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि सिंचाई योजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाए, ताकि राज्य के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।









