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सिन्द्रवाणी में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, जांच का इंतजार

रुद्रप्रयाग, 06 फरवरी । रुद्रप्रयाग जिले के सिन्द्रवाणी क्षेत्र में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में देर रात एक गुलदार के कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन और वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से रात में बाहर न निकलने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है।

वन विभाग की टीम ने गुलदार की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सैंपल लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून और पशुलोक, ऋषिकेश भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सिन्द्रवाणी की घटना में यही गुलदार शामिल था या नहीं।

गौरतलब है कि, सिन्द्रवाणी गांव में बीते 3 फरवरी को गुलदार ने पांच वर्षीय मासूम दक्ष को अपना निवाला बना लिया था। इस घटना के बाद प्रशासन और वन विभाग हरकत में आया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशन में जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा गुलदार की धरपकड़ के लिए व्यापक सर्च अभियान चलाया गया। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए गए, ट्रैप कैमरे स्थापित किए गए और लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया। इसी अभियान के तहत गुरुवार देर रात एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ।

उप वनाधिकारी अगस्त्यमुनि रेंज देवेंद्र सिंह पुण्डीर ने बताया कि पिंजरे में गुरुवार रात एक मादा गुलदार कैद हुई है,लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यही आदमखोर गुलदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। पकड़े गए गुलदार के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिन्द्रवाणी क्षेत्र में अन्य स्थानों पर लगाए गए पिंजरे यथावत रखे गए हैं और आधुनिक उपकरणों की सहायता से गुलदारों की सतत निगरानी की जा रही है। वन विभाग की गश्त और सर्च अभियान लगातार जारी है, ताकि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।