(अपडेट) प्राध्यापकों की बैठक में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग
नैनीताल, 12 फ़रवरी । कुमाऊँ विवि में शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने एवं सरकार के बढ़ते दखल के आरोपों के साथ डीएसबी परिसर में प्राध्यापकों की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्राध्यापकों की उपस्थिति विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियमावली के अनुसार ही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस संबंध में सभी प्राध्यापक शीघ्र ही कुलपति से भेंट करेंगे।
बैठक में कहा गया कि विश्वविद्यालय ने राज्य हित, पर्यावरण संरक्षण और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। ऐसे में विश्वविद्यालय की स्वायत्त प्रकृति और शैक्षणिक स्वतंत्रता को बनाए रखना आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि कुलाधिपति, मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए गए हैं ताकि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रहे। आंदोलन जारी रखने की भी घोषणा की गई।
प्राध्यापकों ने यह भी कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं है, इसलिए स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के निर्णय अधिनियम और परिनियमों के अनुरूप ही लिए जाने चाहिए। बैठक में प्रो. एलएम जोशी, प्रो. एमसी जोशी, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. मधुरेंद्र कुमार, प्रो. हरीश बिष्ट, प्रो. जया तिवारी, प्रो. सुचि बिष्ट, प्रो. बिमल, प्रो. सीमा, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. लता पांडे, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. अनिल बिष्ट, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, प्रो. संजय टम्टा सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।









