दरोगा की हत्या व लूट के तीन दोषियों को उम्रकैद, दो को सात-सात वर्ष का कारावास
फिरोजाबाद, 07 फ़रवरी । न्यायालय ने शनिवार को उपनिरीक्षक की गोली मार हत्या व सरकारी रिवॉल्वर एवं मोटरसाइकिल लूट के तीन दोषियों को आजीवन कारावास व दो दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना रसूलपुर में तैनात उप निरीक्षक राजवीर सिंह की 2 अगस्त 2010 को कोठरे की ठार पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर उप निरीक्षक की सरकारी रिवाल्वर तथा मोटर साइकिल लूट कर ले गए थे। पता चलते ही उनका पुत्र आशीष कुमार परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा। वह उपनिरीक्षक पिता को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे ने पिता की हत्या व लूट की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इस मामले में रामनरेश उर्फ सिकडू पुत्र रामदेव व पंकज उर्फ बबलू निवासी गुडा, सत्यपाल सिंह पुत्र रामलखन निवासी सूरजपुर दुगमई, शिव रतन पुत्र नंद गोपाल सूरजपुर दुगमई तथा बंगाली को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। जिनके कब्जे से लूटी हुई रिवॉल्वर व मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमा अपर सत्र न्यायधीश, विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र कोर्ट संख्या 2 सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र राठौर ने की। उन्होंने बताया कि मुकदमे के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय में पेश किए गए।
गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने राम नरेश, सत्यपाल व पंकज को हत्या लूट का दोषी माना। न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर डेढ़ – डेढ़ लाख रुपये का अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उन्हें एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
वहीं न्यायालय ने दोषी बंगाली व शिव रतन को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उन पर अर्थ दंड लगाया। अर्थ दंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।









