उच्च न्यायालय के निर्देश पर चाईबासा सदर अस्पताल ब्लड बैंक लापरवाही मामले में एफआईआर दर्ज
पश्चिमी सिंहभूम, 06 फ़रवरी । पश्चिमी सिंहभूम जिले में चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में हुई गंभीर लापरवाही के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस लापरवाही के कारण थैलेसीमिया से पीड़ित पांच मासूम बच्चे एचआईवी संक्रमित हो गए थे, जिससे पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
यह मामला अक्टूबर माह में सामने आया था, जब जांच के दौरान ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ। घटना के बाद झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने चाईबासा का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को आजीवन सहयोग का आश्वासन दिया था। हालांकि, पीड़ित परिवारों को मुआवजे के रूप में केवल दो लाख रुपये की सहायता दी गई, जबकि लापरवाह कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर उस समय कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
न्याय की मांग को लेकर झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों ने विधानसभा धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मोर्चा की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने इसे गंभीर मानते हुए दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का स्पष्ट निर्देश दिया, जिसके बाद अब यह कार्रवाई की गई है।
इस संबंध में माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में घोर लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को पूरा न्याय दिलाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना आवश्यक है।
झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि वह राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा।









