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नैनीताल में 5 दिवसीय अंतर-राज्य युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम का शुभारंभ

नैनीताल, 09 फ़रवरी । नैनीताल में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार की ओर से यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र नैनीताल में 9 से 13 फरवरी 2026 तक 5 दिवसीय “मेरा युवा भारत-नैनीताल’ अंतर-राज्य युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में अतिथि राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पटना, वैशाली और बेगूसराय से 7–7 युवा तथा दो ग्रुप लीडर चंदन और श्वेता सहित कुल 37 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका नैनीताल की अध्यक्ष डॉ.सरस्वती खेतवाल और कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर राजकीय पॉलीटेक्निक नैनीताल की छात्राओं ने कुमाउनी संस्कृति पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित युवा आदान–प्रदान कार्यक्रम युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को भारत की विविध संस्कृतियों को समझने और अनेकता में एकता के संदेश को आत्मसात करने का अवसर मिलता है। उन्होंने ‘मेरा युवा भारत-नैनीताल’ द्वारा समय-समय पर किए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना की और सभी प्रतिभागियों का नैनीताल में स्वागत करते हुए 12 फरवरी को नैनीताल झील में निःशुल्क नौकायन सुविधा की घोषणा की।

कुलपति ने कहा कि अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है। उन्होंने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत प्राचीन काल से ही शैक्षणिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और इस युवा शक्ति के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को डीएसबी परिसर स्थित संग्रहालय के भ्रमण का सुझाव भी दिया।

कार्यक्रम की आयोजक और ‘मेरा युवा भारत-नैनीताल’ की उप निदेशक डाल्वी तेवतिया ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए 5 दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में पुष्कर दानू उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता आर्य और रेणु कोहली ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और ऐपण कला के बारे में जानकारी दी तथा गेरू और बिसवार से लक्ष्मी चौकी बनाकर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के आयोजन में आरती, अजय सहित अन्य सहयोगियों का योगदान रहा।