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सोनीपत: शिवरात्रि धर्मसभा में आत्म सुधार व सकारात्मकता का संदेश

सुधार, सकारात्मक सोच और शिव के प्रति समर्पण को मानव जीवन की सार्थकता का आधार बताया।

धर्मसभा

को संबोधित करते हुए दीदी अनीता कुमारी ने कहा कि दूसरों को सुधारने से पहले व्यक्ति

को अपने आचरण और व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। विचारों में सकारात्मकता लाने से ही

जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन को सार्थक बनाने

के लिए फूल की तरह बाबा शिव के प्रति समर्पण आवश्यक है, तभी उनके आशीर्वाद से कल्याण

संभव है। उन्होंने शिवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार हम मंदिर

में फूल, बेलपत्र और जल अर्पित करते हैं, उसी प्रकार समर्पण और पवित्रता का भाव अपने

भीतर भी जागृत करना चाहिए।

दीदी

रमा देवी ने कहा कि हम शरीर नहीं, बल्कि आत्मा हैं और सभी आत्माएं मूल रूप से अच्छी

होती हैं। इसलिए समाज को जाति, धर्म और लिंग के भेदभाव से ऊपर उठकर एक परिवार के रूप

में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव परम पिता और ज्ञान का स्रोत हैं, जिनके ज्ञान

से जीवन में संतुलन आता है।

कार्यक्रम

में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे निवर्तमान नगर निगम मेयर और भाजपा नेता राजीव जैन

ने शिवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि केवल भगवान के चित्र की नहीं, बल्कि चरित्र की

भी पूजा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव सृष्टि के सृजनकर्ता हैं, इसी तरह हमें

भी अपने भीतर अच्छे विचारों का सृजन करना चाहिए। कार्यक्रम में विश्व कल्याण सरोवर

मुरथल के संचालक सतीश भाई, राकेश गुप्ता, प्रेम धमीजा, जितेंद्र मालिक सहित बड़ी संख्या

में श्रद्धालु उपस्थित रहे।