अनूपपुर: जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने मछली पालन ठेका निरस्त करने की मांग की
अनूपपुर, 17 फ़रवरी । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद बिजुरी के वार्ड क्रमांक 13 कोरजा के निवासियों ने शासकीय जोरा तालाब में मछली पालन के ठेके को रद्द करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि वर्ष 2008 में जल संकट को देखते हुए शासन ने जोरा तालाब का गहरीकरण कराया था। तब से यह तालाब पूरे गांव और आसपास के पांच अन्य गांवों की पानी की जरूरतों को पूरा करता आ रहा है। हालांकि, इस वर्ष तालाब का मछली पालन का ठेका दिए जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई है।ठेकेदार द्वारा तालाब में मुर्गी, चिचड़ी और गोबर डालने से पानी दूषित हो गया है। इसके अलावा, ग्रामीणों और मवेशियों को तालाब में उतरने से रोकने के लिए कंटीली तार लगा दी गई है।
मछली पालन ठेका निरस्त करने की मांगः ग्रामीण बोले- 2008 से 5 गांवों की जरूरतें पूरी करता है।
ग्रामीणों को नहीं मिला रहा दैनिक उपयोग का पानी
इससे ग्रामीणों को पीने, नहाने और दैनिक उपयोग के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के भीतर लगाई गई कांटेदार जीआई तार से पशुओं के फंसने का खतरा बना हुआ है। यह तालाब गांव का एकमात्र सार्वजनिक जल स्रोत है, जिसका उपयोग धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए भी किया जाता है। इसलिए, ग्रामीणों ने तत्काल ठेका निरस्त करने की मांग की है।
एक अन्य घटनाक्रम में, प्रदेशभर के जनसेवा मित्रों ने आगामी बजट से पहले अपनी बहाली और भविष्य की सुरक्षा को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की मांग की है। इस प्रक्रिया के तहत मंगलवार को अनूपपुर में भी मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
जनसेवा मित्र आपनी समस्या लेकर पहुंचे
जनसेवा मित्र संगठन (एमपी) द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 9300 जनसेवा मित्रों के लिए लिखित आदेश जारी करने की मांग की गई है।
संगठन ने बताया कि जनसेवा मित्र प्रदेश के हर जनजातीय गांव तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते रहे हैं, लेकिन वर्तमान में उनके रोजगार और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि वर्ष 2026 के बजट में उनके रोजगार के संबंध में स्पष्ट प्रावधान किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के हजारों जनसेवा मित्र अपने परिवारों के साथ भोपाल में बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
63 आवेदन पत्रों में की सुनवाई नर्मदा सभागार में आयोजित किया गया। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 63 आवेदनों पर जनसुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर प्राशी अग्रवाल, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगणों ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनी।
जनसुनवाई के दौरान तहसील कोतमा के ग्राम कटकोना निवासी दिव्यांग सूरज नामदेव ने मोटराईज्ड ट्राईसाईकल प्रदाय किए जाने, तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम नोनघटी निवासी सोनमती ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ दिलाए जाने, तहसील अनूपपुर के बदरा निवासी शेषनाथ पासवान ने उपचार हेतु आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम बरबसपुर निवासी नत्ती बाई ने हाथियों द्वारा मकान क्षति होने पर मुआवजा राशि दिलाए जाने, तहसील कोतमा के ग्राम जर्राटोला निवासी नानबाई बैगा ने पीएम जन धन योजना का लाभ दिलाए जाने, जैतहरी निवासी दिव्यांग सचिन कुमार सोनी ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में आवेदन दिए।









