फरीदाबाद : सूरजजकुंड मेले में पांचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र बने पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
फरीदाबाद, 04 फरवरी । फरीदाबाद में आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल में इस बार भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े कलात्मक प्रतीक पर्यटकों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। सूरजकुंड मेले में श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनके साथ पर्यटक जमकर सेल्फी ले रहे हैं। पंचजन्य शंख भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा हुआ पवित्र प्रतीक माना जाता है, जबकि सुदर्शन चक्र भगवान श्री हरि विष्णु से जुड़ा हुआ है। सूरजकुंड मेले में इन दोनों प्रतीकों को कलाकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। शंख और चक्र की पारंपरिक कलाकृति कारीगरों की अद्भुत कला को दर्शाती है। सूरजकुंड मेले में इन आकृतियों में गीता के उपदेशों को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने का प्रयास किया गया है, जिससे यह न केवल सजावटी वस्तु बनती है, बल्कि आध्यात्मिक संदेश भी देती है। सूरजकुंड मेला हमेशा से कला, संस्कृति और परंपरा का संगम रहा है। गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र की कलाकृतियां सूरजकुंड मेले को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान कर रही है और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त रूप से सामने ला रही है।









