डीयू में एसओयूएल के साथ “लीडर्स टॉक” का आयोजन
नई दिल्ली, 18 फ़रवरी । दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप (एसओयूएल) के सहयोग से “लीडर्स टॉक” कार्यक्रम का आयोजन किया। डीयू के वाइसरीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित इस विशेष सत्र में इंफोसिस के फाउंडर एन. आर. नारायण मूर्ति ने विद्यार्थियों और युवा प्रोफेशनल्स को नेतृत्व, नैतिकता, उत्पादकता और काम के भविष्य पर मार्गदर्शन दिया। सत्र का संचालन जाने-माने पत्रकार सुधीर चौधरी ने किया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर पूछे गए सवाल के जवाब में नारायण मूर्ति ने कहा कि इंसान के दिमाग से बेहतर कुछ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई छोटे-मोटे कार्यों को स्वचालित कर सकता है, लेकिन यह मानव की उच्च स्तरीय सोच, रचनात्मकता और निर्णय क्षमता को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि एआई खतरा नहीं बल्कि अवसर है। इससे युवा लगातार रीस्किलिंग और सीखने की क्षमता विकसित करते रहें।
मूर्ति ने बताया कि स्कूल के दिनों में एक विज्ञान शिक्षक से सीखी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की सीख ने उनके बिजनेस एथिक्स की नींव रखी। उन्होंने कहा कि यही मूल्य आगे चलकर इंफोसिस की स्थापना और उसके संचालन का आधार बने।
सफलता और नैतिकता पर मूर्ति ने कहा कि राजस्व, मुनाफा और मार्केट कैपिटलाइजेशन जैसे वित्तीय मानक गौण हैं। असली पूंजी सभी हितधारकों का सम्मान और विश्वास है।
प्रबंधन सिद्धांतों पर मूर्ति ने कहा कि वे ऑफिस के बाहर मित्रवत रहते हैं, लेकिन कार्यस्थल पर स्पष्ट नेतृत्व में विश्वास रखते हैं। वे सार्वजनिक रूप से प्रशंसा और निजी तौर पर सुधार की नीति अपनाते हैं। इंफोसिस का प्रदर्शन सुधार योजना (पीआईपी) कर्मचारियों को सुधार का अवसर देता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर संगठनहित में कठिन निर्णय भी लिए जाते हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने संस्कृति, शिक्षा और अनुभव से बनने वाले विश्वास पर चर्चा की। महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिना कठिन परिश्रम और संघर्ष के कोई भी उपलब्धि सार्थक नहीं होती। उन्होंने युवाओं को विनम्रता, अनुशासन और कर्मप्रधान नेतृत्व अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम की शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार हसमुख अधिया के स्वागत भाषण से हुई। सत्र का संचालन एसओयूएल के जॉइंट सीईओ गौरव मेहता ने किया। समापन पर डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी और सीओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने अतिथियों को सम्मानित किया।









