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उप्र में 39 मिनरल वाटर ब्रांड पर एफएसडीए का शिकंजा, खराब गुणवत्ता मिलने पर बिक्री पर रोक

बरेली, 25 जनवरी । उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिक रहे मिनरल वाटर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने जांच के बाद 39 मिनरल वाटर ब्रांडों की बिक्री और सप्लाई पर तत्काल रोक लगा दी है। जांच में इन ब्रांडों का पानी पीने योग्य मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य को खतरा बताया जा रहा है।

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने रविवार को बताया कि विभिन्न जिलों से लिए गए नमूनों की लैब जांच में कई ब्रांडों के पानी में बैक्टीरिया और रासायनिक मानकों का उल्लंघन पाया गया। शाहजहांपुर की मां दुर्गा मिनरल वाटर में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई, जबकि रामपुर की ग्लोबल ब्रांड और निर्मल नीर का पानी अधोमानक पाया गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह पानी पीने योग्य नहीं है और इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

एफएसडीए द्वारा प्रतिबंधित किए गए ब्रांडों में मैनपुरी का ग्लोबल, प्रयागराज का नीट एचटूओ, आजमगढ़ का ग्लासिया, गोरखपुर का रिप्लायबल फेश, बस्ती का कीवी, चित्रकूट का क्वीन, गोंडा का सुपर फाइव स्टार शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, फतेहपुर, उन्नाव, रामपुर, चंदौली, गौतमबुद्धनगर समेत कई जिलों के ब्रांड भी कार्रवाई की जद में आए हैं।

आयुक्त ने सभी संबंधित कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने स्टॉक का पूरा ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि प्रतिबंधित ब्रांडों की बिक्री और सप्लाई पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाए। एफएसडीए ने लोगों से अपील की है कि वे केवल मानक और भरोसेमंद ब्रांड का ही मिनरल वाटर उपयोग करें।————-