लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय केरलापाल में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
इस अवसर पर विद्यार्थियों को डिजिटल स्किल, सॉफ्ट स्किल, कम्युनिकेशन स्किल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास निर्माण तथा कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश से जुड़ी आवश्यक जानकारियां प्रदान की गई। प्रशिक्षकों ने सरल भाषा और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया कि कैसे वे अपने ज्ञान, व्यवहार और कौशल के माध्यम से भविष्य में बेहतर करियर का निर्माण कर सकते हैं। आईटीबीपी के अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, संचार कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास और करियर मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अधिकारियों ने कॉर्पोरेट संस्कृति से जुड़े व्यवहारिक अनुभव साझा किए, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में इंटरएक्टिव सेशन, गतिविधियां और मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए गए, जिससे छात्राओ को न केवल सीखने का अवसर मिला बल्कि स्वयं को पहचानने और निखारने का भी मौका प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रत्ना नशीने ने कार्यक्रम की उपयोगिता, उद्देश्य और अनुशासनात्मक वातावरण की खुले दिल से सराहना की। डॉ. रत्ना नशीने ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन से व्यावसायिक जीवन में प्रवेश करने हेतु मानसिक, व्यवहारिक एवं व्यावहारिक रूप से तैयार करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों के अनुशासन, समयपालन, सीखने की लगन और सकारात्मक सोच की विशेष रूप से प्रशंसा की तथा आईटीबीपी के सभी अधिकारियों को इस उत्कृष्ट पहल के लिए बधाई दी।
कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए आईटीबीपी 45वीं बटालियन के सहयोग से विशेष कार्यशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक और व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाना था। महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. नवीन मरकाम, डॉ. देवेंद्र कूर्रे, डॉ. मदन लाल कूर्रे, डॉ. सविता आदित्य, डॉ. विवेक विश्वकर्मा एवं राज सिंह सेंगर ने कार्यशाला के सुचारू संचालन, समन्वय एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।









