दुर्गम लाहौल–स्पीति में भी गणतंत्र दिवस का जश्न, बर्फ़ नहीं बनी बाधा
शिमला, 26 जनवरी । हिमाचल प्रदेश के जनजातीय ज़िले लाहौल-स्पीति में कड़ाके की ठंड और लगातार हो रही बर्फ़बारी के बावजूद सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। ज़िले के मुख्यालय केलांग में चारों ओर बर्फ़ की सफ़ेद चादर बिछी होने के बावजूद राष्ट्रीय गौरव और एकता का संदेश साफ़ दिखाई दिया।
राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष और कैबिनेट रैंक मंत्री रघुवीर सिंह बाली गणतंत्र दिवस समारोह के लिए केलांग पहुंचे। उन्होंने यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। तिरंगा फहराते समय पूरा केलांग देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान की गूंज से गूंज उठा।
कठोर मौसम के बीच आयोजित इस समारोह में पुलिस बल, होमगार्ड, स्कूली छात्र-छात्राओं और स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भागीदारी निभाई। बर्फ़ के बीच बच्चों और जवानों का अनुशासित मार्च पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहीं।
देशभक्ति गीतों और नारों से पूरा माहौल देशप्रेम के रंग में रंगा नजर आया। समारोह ने यह संदेश दिया कि दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पर्व उतने ही गर्व और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं, जितने देश के अन्य हिस्सों में।
बर्फ़बारी और ठंड के बावजूद लोगों की मौजूदगी और उत्साह यह दिखाता रहा कि लाहौल-स्पीति के लोग हर परिस्थिति में देश और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हैं। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन एक बार फिर भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक बना।









