शहरी निकायों में प्रशासक बैठाकर लोकतंत्र को कमजोर कर रही सुक्खू सरकार : भाजपा
शिमला, 25 जनवरी । हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को टालने और शहरी निकायों में प्रशासक नियुक्त करने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने रविवार को आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार जानबूझकर चुनावों से बच रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर अफसरशाही के जरिए शासन चलाना चाहती है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि पंचायत और नगर निकाय जनता द्वारा चुनी गई संस्थाएं होती हैं, जो लोगों के प्रति जवाबदेह रहती हैं। लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह प्रशासक बैठाने से जवाबदेही खत्म हो जाती है और फैसले जनता की बजाय सरकार और अफसरों की सुविधा से होने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भ्रष्टाचार के रास्ते खुलते हैं और आम लोगों की आवाज दबाई जाती है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि पंचायत प्रधानों और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाता, तो यह जनता के हित में होता। चुने हुए प्रतिनिधि गांव और शहर की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं और विकास के लिए जिम्मेदार रहते हैं। लेकिन कांग्रेस सरकार को डर है कि यदि चुनाव हुए तो उसकी नीतियों और कामकाज पर जनता सवाल उठाएगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में समय पर शहरी निकाय चुनाव नहीं कराए जा सके और अब 74 में से 47 नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए हैं। चुनी हुई परिषदों और अध्यक्षों को हटाकर सीईओ, ईओ और सचिव की समितियों को जिम्मेदारी दी गई है। संदीपनी भारद्वाज ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि अब अधिसूचना के जरिए स्थानीय एसडीओ को एक लाख से पांच लाख रुपये तक के विकास कार्यों को मंजूरी देने का अधिकार क्यों दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब निर्वाचित निकाय थे, तब ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई। उनका आरोप है कि सरकार अफसरों के जरिए मनमाने फैसले लेना चाहती है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि अब पंचायतों का कार्यकाल भी 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। ऐसे में आशंका है कि सरकार पंचायतों में भी प्रशासक बैठाकर गांव स्तर पर लोकतंत्र को खत्म करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या गांवों में भी चुनी हुई सरकार की जगह अफसरों का शासन लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गृह, वित्त और प्रशासन जैसे अहम विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के बावजूद चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि यह प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि जानबूझकर बनाई गई रणनीति है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र पर इस हमले को स्वीकार नहीं करेगी। यदि पंचायतों और नगर निकायों में प्रशासक व्यवस्था थोपी गई, तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।









