हरियाणा में बनेंगे स्मार्ट एग्रीकल्चर व स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन : नायब सैनी
चंडीगढ़, 23 जनवरी । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों एवं उद्योगपतियों के हित में दो बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य में एक स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन तथा एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा, जहां किसानों एवं उद्योगपतियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की गत वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने आईएमटी मानेसर, बावल तथा कुंडली में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए डॉर्मिट्रीज तथा सिंगल रूम यूनिट्स के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी औद्योगिक क्षेत्र में वहां कार्यरत मजदूरों के लिए आवासीय जरुरत हो, वहां संबंधित इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से बात कर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना तैयार करें।
बैठक में जानकारी दी गई कि 25 दिसंबर, 2025 को कम से कम 50 फैक्ट्रियों वाली जिन अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के जिस पोर्टल को लांच किया गया था, उस पर उद्योगपति अपनी यूनिट को उक्त पोर्टल पर रजिस्टर कर रहे हैं।
पिछले वर्ष के बजट घोषणा के अनुसार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा अलॉट (राज्य के विभिन्न इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में) किये गए प्लॉट्स का पूरा कंट्रोल अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) को दे दिया गया है।
इसमें इंडस्ट्रियल प्लॉट को एचएसवीपी से एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर करने के मामले में “ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट”, “प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट” आदि को प्राप्त करने में इन उद्योगों के मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सरकार के फैसले से उद्योगपतियों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
अब भविष्य में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पंचायत तथा दूसरे सरकारी विभागों से ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए जो जमीन ली जाएगी, वह 75 फीसदी सस्ती दरों पर दी जाएगी। हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी 2022-25 की अवधि दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पूर्व में बनाए गए औद्योगिक क्षेत्रों, जोकि शहरी आबादी के बीच में आ गए हैं, उनमें सीवर, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसे ढांचों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।









