नूंह के नांगल मुबारिकपुर में बने यूनिवर्सिटी,डीसी को सौंपा सामूहिक ज्ञापन
नूंह, 02 जनवरी । नूंह जिले में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए नगीना खंड के गांव नांगल मुबारिकपुर को चुने जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शुक्रवार को सैंकड़ों पंच-सरपंचों, जिला पार्षदों, ब्लाक समिति सदस्यों और गोत्र पाल के चौधरियों के प्रतिनिधिमंडल ने नूंह जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता 360 गांवों के जमादार चौधरी आस मोहम्मद ने की।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत नांगल मुबारिकपुर के पास लगभग 800 एकड़ पंचायत भूमि उपलब्ध है। फरवरी 2019 में पंचायत द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 180 एकड़ भूमि निःशुल्क देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए और भूमि की आवश्यकता पड़ी तो पंचायत पूरा सहयोग करेगी।
गांव नांगल मुबारिकपुर के सरपंच अजहरुद्दीन, बिलाल अहमद, अजीज हुसैन और राजूद्दीन ने बताया कि यह गांव मेवात नूंह जिले के बिल्कुल मध्य में स्थित है। उन्होंने कहा कि जिले के तीनों प्रमुख क्षेत्रों नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका से इसकी दूरी लगभग समान है, जिससे विश्वविद्यालय तक सभी विद्यार्थियों की पहुंच आसान होगी। प्रतिनिधियों ने बताया कि नांगल मुबारिकपुर नगीना बड़कली चौक के नजदीक है और जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां मीठे पानी की उपलब्धता, शुद्ध हवा और दोनों ओर अरावली की हरियाली मौजूद है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि गांव दिल्ली-अलवर हाईवे 248-ए से करीब 3 किलोमीटर, नगीना कस्बे के पास, नगीना-तिजारा रोड से 4 किलोमीटर तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मरोड़ा कट से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित है। पिनगवां से 15 किलोमीटर और पुन्हाना, नूंह, फिरोजपुर झिरका व तावडू से 20 से 45 किलोमीटर के दायरे में होने के कारण यह स्थान पूरे जिले के लिए सुविधाजनक है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि विश्वविद्यालय तक पहुंच के लिए 33 फुट चौड़ी सड़क के लिए किसानों को जमीन देनी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्कूलों को मजबूत करना भी जरूरी है। डीसी ने यह स्वीकार किया कि नांगल मुबारिकपुर जिले के बीचों-बीच स्थित है, जो स्थल चयन के लिए एक अहम बिंदु है। इस अवसर पर चौधरी आस मोहम्मद जमादार ने जिलेवासियों और सभी जनप्रतिनिधियों से नांगल मुबारिकपुर में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि नगीना क्षेत्र मेवात का केंद्र है और यहां विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे।









