जयपुर में तीन फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट से कर ली थी इंटर्नशिप
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियूष (पियूष) कुमार त्रिवेदी, शुभम गुर्जर और देवेन्द्र सिंह गुर्जर के रूप में हुई है। तीनों ही दौसा जिले के निवासी हैं। आरोपी पियूष कुमार त्रिवेदी ने जॉर्जिया से एमबीबीएस की डिग्री ली थी, लेकिन वह भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक एफएमजीई परीक्षा वर्ष 2022, 2023 और 2024 में लगातार तीन बार असफल रहा। इसके बाद उसने अपने परिचित देवेन्द्र सिंह गुर्जर से संपर्क किया, जिसने अपने साथी शुभम गुर्जर और अन्य बिचौलियों की मदद से 16 लाख रुपये में फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट और एनएमसी रजिस्ट्रेशन तैयार करवाया।
इस फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर पियूष को एनएमसी से इंटर्नशिप की अनुमति मिल गई और उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज, करौली में इंटर्नशिप के लिए आवंटन भी मिल गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शुभम गुर्जर ने इसी तरह के फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर राजीव गांधी अस्पताल, अलवर में तथा देवेन्द्र सिंह गुर्जर ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, दौसा में अपनी इंटर्नशिप पूरी की थी।
एसओजी ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए उस गिरोह की पहचान की जा रही है, जो फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट, एनएमसी रजिस्ट्रेशन और अन्य दस्तावेज तैयार कर रहा था। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने अन्य लोग भी मेडिकल सिस्टम में घुसपैठ कर चुके हैं।









