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रेलवे नोटिस के विरोध में कोरबा में उग्र आंदोलन, मुख्य चौक पर सैकड़ों लोगों का धरना, यातायात ठप

बताया जा रहा है कि सोमवार से रेलवे प्रशासन द्वारा इंदिरा नगर बस्ती में मकानों पर खाली कराने के निशान लगाए जा रहे हैं। इसके बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया था। सोमवार को बड़ी संख्या में बस्तीवासियों ने रेलवे स्टेशन परिसर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया था। आंदोलनकारियों ने इसके बाद रणनीति बदलते हुए मंगलवार को शहर के मुख्य चौक पर धरना देकर प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि बिना स्पष्ट सीमांकन, मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था के वे अपने घर किसी भी हाल में खाली नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन द्वारा न तो जमीन का सही सीमांकन किया गया है और न ही प्रभावित परिवारों को विस्थापन की कोई ठोस योजना बताई गई है। इसी कारण परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल ने बताया कि प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांग है कि रेलवे प्रशासन पहले जमीन का स्पष्ट सीमांकन करे और इसके बाद पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को बेघर करना अमानवीय है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन द्वारा उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए और मकान हटाने से पहले रहने के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए। आंदोलनकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो इसे और तेज किया जाएगा।

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा कि पूर्व में रेलवे द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया गया था। उन्होंने मांग की कि इंदिरा नगर के प्रभावित परिवारों को भी उसी तरह मुआवजा दिया जाए और उन्हें पहले वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन यापन कर सकें।

धरने के चलते मुख्य चौक पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यातायात प्रभावित होने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी बनी हुई है, लेकिन अभी तक रेलवे प्रशासन या जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत का इंतजार किया जा रहा है।