जींद : नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों ने किया वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण
गुरूवार को वन स्टॉप सेंटर की संचालिका राजवंती ने बताया कि केंद्र वन स्टॉप सेंटर केंद्रीय सरकार द्वारा संचालित और हरियाणा सरकार के तत्वावधान में लागू महिलाओं के लिए एक राहतकारी योजना है। इसमें हिंसा से पीड़ित महिलाएं जैसे बलात्कार, घरेलू हिंसा, महिला तस्करी, बाल शोषण, गुमशुदा महिला, बाल विवाह, दहेज उत्पीडऩ, एसिड अटैक और साइबर क्राइम मामलों में प्रभावित महिलाओं को रखा जाता है।
यहां उन्हें चिकित्सा सुविधा, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक परामर्श, भोजन तथा पांच दिनों तक अस्थायी आश्रय सहित सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर में उपलब्ध एकीकृत सेवाएं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करती हैं। सेंटर में अब तक कुल 1696 शिकायतें दर्ज हुई हैं। जिनमें से 724 महिलाओं ने रात्रि आश्रय के लिए पंजीकरण करवाया है। किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में कोई भी महिला हेल्पलाइन 181 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। केंद्र संचालिका ने बताया कि निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर ऑफिस असिस्टेंट प्रियंका रानी और परामर्शदाता मोती राम उपस्थित रहे।









