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कार्ति चिदंबरम समेत सात आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश

कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के अलावा एस भास्कर रमन, मेसर्स तलवंडी साबो पावर लिमिटेड , मेसर्स बेल टूल्स लिमिटेड, विरल मेहता, अनूप अग्रवाल और मंसूर सिद्दीकी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 204 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 8 और 9 के तहत आरोप तय होंगे। साथ ही कोर्ट ने चेतन श्रीवास्तव को सभी आरोपों से मुक्त करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने 6 जून, 2024 को कार्ति चिदंबरम को जमानत दी थी। कोर्ट ने 19 मार्च, 2024 को ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। ईडी ने 25 जनवरी, 2024 को चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में सीबीआई ने मई, 2022 में पी चिदंबरम के आवास पर छापा मारा था। सीबीआई के केस दर्ज करने के बाद ईडी ने केस दर्ज किया था। सीबीआई के मुताबिक 14 मई, 2022 को पी चिदंबरम के आवास पर तलाशी के बाद मामला दर्ज किया गया था। कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि वो 2011 में अवैध रूप से 50 लाख रुपये की रिश्वत प्राप्त करने के बाद 263 चीनी नागरिकों के वीजा की सुविधा प्रदान कर रहे थे। सीबीआई ने भास्कर रमन को 18 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था। सीबीआई के मुताबिक तलवंडी साबो पावर लिमिटेड ने बेल टूल्स लिमिटेड को 50 लाख की राशि का भुगतान किया, जिसने इसे चीनी वीजा के लिए रिश्वत के रूप में एस भास्कर रमन को दिया था।