नए समाहरणालय को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के लिए कवायद तेज
धनबाद, 31 दिसंबर । धनबाद के नए समाहरणालय को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। बुधवार को धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने पुराने परिसर का दौरा कर लंबित व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि नए साल में आम जनता को एक ही छत के नीचे तमाम आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। फिलहाल वर्तमान में ट्रेजरी ऑफिस (कोषागार) अपने पुराने भवन से ही संचालित हो रहा है जिससे प्रशासनिक कार्यों में काफी मुश्किलें आ रही हैं। अधिकारियों को फाइलों और कागजात की निकासी के लिए बार-बार पुराने दफ्तर जाना पड़ता है। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से अलग से फोर्स तैनात करनी पड़ती है, जो एक बड़ा मैनेजमेंट इश्यू बना हुआ है।
इस संबंध में उपायुक्त ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ट्रेजरी को जल्द से जल्द नए समाहरणालय में शिफ्ट किया जाएगा। यहाँ पहले से कहीं बेहतर और उत्कृष्ट सुविधाएं होंगी। फर्नीचर और तकनीकी संसाधनों का आकलन कर लिया गया है, ताकि आम लोगों और कर्मचारियों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि नए समाहरणालय परिसर में नए वर्ष से कई महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू की जाएंगी। जिसमें वाहनों के सुव्यवस्थित ठहराव के लिए बड़ी पार्किंग व्यवस्था और आगंतुकों और कर्मचारियों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण कैंटीन होगी। यही नहीं सभी विभागों का एक ही परिसर में होने से समय की बचत भी होगी।
इस दौरान उन्होंने कुपोषण उपचार केंद्र का भी निरीक्षण किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद केंद्र में बच्चों की संख्या और देखभाल संतोषजनक पाई गई। रजिस्टर की जांच के दौरान पाया गया कि नवंबर-दिसंबर में केंद्र अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। इस संबंध में उपायुक्त ने कहा कि हमारा मूल मकसद है कि धनबाद में कुपोषण की वजह से किसी भी बच्चे का शारीरिक या मानसिक विकास न रुके। उन्होंने कहा कि 1-2 जनवरी के बाद इस अभियान में और तेजी लाई जाएगी ताकि जिला पूरी तरह कुपोषण मुक्त बन सके।
निरीक्षण के बाद उपायुक्त और एसएसपी ने जिलेवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अपील करते हुए कहा कि ठंड को देखते हुए सावधानी बरतें और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही जश्न मनाएं।









