हिसार : कूड़े को अलग-अलग रखने के वैज्ञानिक ढंग से होगा प्रबंधन : प्रो. नरसी राम बिश्नोई

हिसार, 6 नवंबर । गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए बनाए गए रिसोर्स मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी सेंटर को

विश्वविद्यालय की तरफ से दो ई-रिक्शा उपलब्ध कराई गई हैं। विश्वविद्यालय परिसर में

घरों, विभागों, हॉस्टलों और दुकानों से निकलने वाले कूड़े का प्रबंधन करने के लिए 5

जून को इस सेंटर का उद्घाटन कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने किया था।

ई-रिक्शा के उद्घाटन उपरांत कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने गुरुवार काे कहा कि हम घरों

में पैदा होने वाले कूड़े को अलग-अलग कैटेगरी में रखने से इस कूड़े का प्रबंधन वैज्ञानिक

ढंग से हो सकेगा, जिससे पर्यावरण पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने

विश्वविद्यालय परिसर वासियों से अपील की कि गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग रखें।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. विजय कुमार, तकनीकी सलाहकार प्रो.

विनोद छोकर, प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. एच.सी. गर्ग, कार्यकारी अभियंता सिविल इजी. सुनील

ग्रोवर, नोडल अधिकारी (एसडब्ल्यूएम) डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. लखविंद्र सिंह व ग्रीन अर्थ

संस्था की ओर से प्रेम बेनीवाल, मुनेश कुमार व उनकी टीम उपस्थित रही।

रिसोर्स मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी सेंटर का रखरखाव और संचालन ग्रीन अर्थ

संस्था कुरुक्षेत्र के द्वारा किया जा रहा है। घरों, विभागों, हॉस्टल और दुकानों में

वेस्ट जनेरेट द्वारा उत्पन्न हुए कूड़े को अलग-अलग रखा जाता है। ग्रीन अर्थ संस्था के

ईको-मित्र की टीम इस कूड़े का कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन अलग-अलग रूप में ही करती है।

रिसोर्स मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी पर गीले

कूड़े से कंपोस्ट बनाई जाती है व सुखे कूड़े को अलग-अलग कैटेगरी में चैनेलाइज कर दिया

जाता है।