मेट्रो कर्मचारियों की समस्याओं का आपसी संवाद से करें समाधान-हाईकोर्ट
याचिका में अधिवक्ता सुरेश कश्यप ने बताया कि याचिकाकर्ता पंजीकृत ट्रेड यूनियन है और अपने कर्मचारियों के हितों के प्रति वचनबद्ध होने के साथ ही प्रशासन के समक्ष कर्मचारियों की समस्या रखती है। याचिकाकर्ता संघ ने मेट्रो प्रशासन को कई बार अभ्यावेदन देकर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की, लेकिन उस पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में कहा गया कि मेट्रो कर्मचारियों के लिए कोई प्रमोशन पॉलिसी नहीं है। इसके अलावा अन्य कई समस्याएं भी हैं। ऐसे में याचिकाकर्ता ने प्रशासन को गत 23 सितंबर को पत्र लिखकर 26 सितंबर को भोजनावकाश में शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालने की अनुमति मांगी, लेकिन प्रशासन ने मेट्रो संचालन को जरूरी सेवा बताकर अनुमति देने से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया कि वे मेट्रो संचालन में कोई कठिनाई या बाधा पैदा नहीं करेंगे। ऐसे में उन्हें कार्यालय समय के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शन की अनुमति दी जाए। वहीं राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता की ओर से अधिवक्ता विष्णु दत्त शर्मा ने याचिकाकर्ता संघ और मेट्रो प्रशासन के बीच कर्मचारियों की समस्याओं के निदान को लेकर बातचीत चल रही है। इस पर अदालत ने मेट्रो प्रशासन को कहा है कि वह याचिकाकर्ता संघ से बातचीत कर आपसी संवाद से समस्या का निदान करें।









