हमीरपुर मेडिकल कॉलेज पर सुक्खू का सामान्य ज्ञान कमजोर : रणधीर शर्मा
रणधीर शर्मा ने रविवार को एक बयान में कहा कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज पूरी तरह भाजपा की देन है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू का या तो सामान्य ज्ञान कमजोर है या उन्हें भाजपा के किए कार्यों का श्रेय लेने की आदत पड़ गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने ढाई साल के कार्यकाल में जनता के लिए कोई बड़ा काम नहीं कर पाए, न ही अपनी घोषणाओं पर अमल कर सके। इसलिए अब भाजपा के किए गए विकास कार्यों को अपना बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में हिमाचल को अनेक विकास योजनाएं दीं, लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार हमेशा केंद्र की परियोजनाओं में बाधा डालने और भाजपा के किए कार्यों को अपना बताने में लगी रहती है। उन्होंने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से जोलसप्पड़ में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिली, भूमि भी भाजपा सरकार ने उपलब्ध कराई, शिलान्यास भी भाजपा नेताओं ने किया और निर्माण कार्य भी भाजपा सरकार में शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री सुक्खू उस मेडिकल कॉलेज को कांग्रेस की देन बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने मेडिकल कॉलेज के इतिहास को विस्तार से बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 में यूपीए सरकार ने चुनावों से पहले बिना किसी बजटीय प्रावधान के मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की थी। इसके बाद केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिली और 174 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई।
उन्होंने बताया कि 2015 में केंद्र से स्वीकृति के बाद भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना को दो वर्षों तक लटकाए रखा और जमीन तक उपलब्ध नहीं करवाई। जब 2017 में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी, तब भूमि सुरक्षित की गई और 6 जून 2018 को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सांसद अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई।
रणधीर शर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने अब तक इस परियोजना की कुल लागत 189 करोड़ रुपये में से 170 करोड़ रुपये का हिस्सा जारी कर दिया है। वर्ष 2018-19 से यह कॉलेज 120 एमबीबीएस सीटों के साथ कार्यरत है। इसके अलावा 2023 में केंद्र सरकार ने इस कॉलेज में 20 अतिरिक्त ईडब्ल्यूएस सीटें स्वीकृत की हैं, जिसके लिए 24 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई।









