जेल लोक अदालत और कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित
डालसा सचिव राजश्री अपर्णा कुजूर ने रविवार को कैदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिन बंदियों को बेल कराने में दस्तावेजों की कमी, आर्थिक समस्या या परिवार से सहयोग नहीं मिल पाता है, वे आवेदन के माध्यम से डालसा सचिव या कारा अधीक्षक को सूचित कर सकते हैं। उन्हें हर संभव नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उपकारा खूंटी में 102 पुरुष और 17 महिला कैदी निरुद्ध हैं।
उन्होंने यह भी साझा किया कि झालसा अब कैदियों एवं उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके तहत कैदियों के छोटे बच्चों का नजदीकी स्कूलों में आरटीई के तहत नामांकन कराया जाएगा तथा परिजनों से प्राप्त आवेदनों को जिला प्रशासन को भेजकर पात्रता के अनुसार लाभ दिलाया जाएगा। सचिव ने कैदियों से अपने अधिकारों को पहचानने, शिक्षा पर ध्यान देने तथा स्वयं को दोषी समझकर हतोत्साहित न होने की अपील की।
कार्यक्रम में डीएलएसए की एलएडीसी डिप्टी चीफ नम्रता कुमारी, पीएलवी प्रेम कुमार ठाकुर, अजय कुमार मिश्रा तथा उपकारा के सहकर्मी मौजूद थे।









