आजादी के लिए क्रांति बन गया था वंदेमातरम् : डाॅ राम मुनि
डाॅ राम मुनि ने आगे बताया कि देश परतंत्र अवस्था में था। बंगाल की जमीं पर क्रान्तिकारी बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने वंदेमातरम् गीत की रचना अपने आनंद मठ उपन्यास में की तो देश के आज़ादी के मतवालों के लिए जैसे एक बड़ी ऊर्जा का स्रोत मिल गया। हर आंदोलन में वंदेमातरम् एक प्रेरणा का स्रोत बन गया। वंदेमातरम् को जब रविंद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में प्रथम बार गाया तो क्रांति मंच गयी। यह हर आंदोलन काे जोश का रुप देने लगा। आज यह गीत जनमानस का गीत और नारा बन गया है। हम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर गौरवान्वित है।
इस अवसर पर प्रधान डा अभय श्रोत्रिय, मंत्री रमेश सिंह आर्य एडवोकेट, डाॅ आलोक कुमार, अरविंद आर्यबंधु, निर्मल आर्य, राकेश कुमार, राजेश नारंग, रविंद्र आर्य, अमित आर्य, प्रज्ञाशु आर्य, ज्ञानप्रकाश भगत, मयंक आर्य, राजपाल सिंह नागर, संजय नागर, विजय कौशिक, संतोष कुमार गुप्ता, निहाल सिंह आर्य आदि उपस्थित रहे।









