उत्तरकाशी आई.टी. लैब हैंडओवर मामले में दिखी जिला प्रशासन की सक्रियता।

निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय प्रशासन, छात्रसंघ अध्यक्ष विनय मोहन चौहान, महासचिव शुभम चमोली, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि आयुष बिष्ट, उपाध्यक्ष रोहित राणा एवं ओम छात्र संगठन के संस्थापक अमरीकन पुरी उपस्थित रहे।

अमरीकन पुरी संस्थापक ओम छात्र संगठन इस विषय को पिछले एक वर्ष से लगातार उठा रहे हैं और विभागीय, प्रशासन स्तर तक निरंतर पत्राचार एवं ग्राउंड कार्यवाही के माध्यम से मामले को प्रमुखता से आगे बढ़ाते आ रहे हैं।

निरीक्षण दल ने लैब निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपकरणों की तकनीकी स्थिति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और अधूरे इंस्टॉलेशन बिंदुओं का गहन मूल्यांकन किया। इस दौरान यह भी पाया गया कि कुछ उपकरण आउटडेटेड हो चुके हैं और सिस्टमों के अद्यतन (अपग्रेडेशन) की आवश्यकता है।

जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि जल्द आई.टी. लैब का “थर्ड पार्टी निरीक्षण” कराया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट आने के बाद हैंडओवर प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी, जिससे आई.टी. लैब को शीघ्र छात्र-छात्राओं के उपयोग हेतु खोला जा सकेगा।

इसी क्रम ओम छात्र संगठन ने महाविद्यालय प्रशासन एवं कार्यदायी संस्था को कहा कि लैब से जुड़े सभी अधूरे कार्यों को तत्काल पूर्ण किया जाए, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा शेष न रहे।

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से निर्मित आईटी लैब आज भी छात्रों के लिए बंद पड़ी है। बता दें कि जिला मुख्यालय के रामचंद्र उनियाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी में कार्यदायी संस्था और विभाग की लापरवाही, के वजह से हैंडओवर प्रक्रिया डेढ़ वर्षों से अधूरी है।हाई-एंड सिस्टम, बैटरियां और आईटी संसाधन या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या चोरी हो गए हैं। लंबे समय तक उपयोग में न आने के कारण सिस्टम आउटडेटेड हो चुके हैं, जिससे नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा प्रभावित हो रही है।