छत्तीसगढ़ के रानी बोदली हमले में नक्सलियाें द्वारा लूटे गये दो हथियार तिरियारपानी मुठभेड़ में हुए बरामद

उल्लेखनीय है कि रानी बोदली कैंप की घटना छग राज्य गठन के बाद नक्सलियों का पुलिस पर सबसे बड़ा हमला था। वर्ष 2005 में सलवा जुडूम शुरू होने के बाद राहत शिविर में आए हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह कैंप स्थापित कर जवानों की तैनाती की गई थी। रानीबोदली कैंप भी उसी का हिस्सा था, इस कैंप में छसबल नौंवी वाहिनी सी कंपनी के जवान तैनात थे। नक्सली सलवा जुडुम के खिलाफ थे और 15 मार्च 2007 को लगभग 600 नक्सलियों ने रात 12 बजे रानीबोदली कैंप को घेर लिया था और इस मुठभेड़ में 55 जवान शहीद हुए थे, वहीं सात नक्सली मारे गए थे। इस घटना में नक्सलियों ने कैंप से 13 एसएलआर, 9 थ्री नाट थ्री, 3 एके 47, एक इंसास, 12 इंच मोर्टार, एक नाईट वीजन डिवाईस और 10 मसकेट लूटकर ले गए थे।