ट्रम्प ने ईरान पर हुए हमलों को बताया गाजा शांति समझौते का निर्णायक कारक

व्हाइट हाउस में गुरुवार को कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, “मेरा मानना है कि ईरान पर हमला बहुत जरूरी था, क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो उनके पास अब तक कई परमाणु हथियार होते। तब चाहे हम कोई भी समझौता करते, उस पर एक काला साया बना रहता और उसकी अहमियत नहीं रहती।”

रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल ने 13 जून को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद उसी महीने अमेरिका ने भी ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर निशाना साधा था, जिससे वे “गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त” हो गए।

ट्रम्प ने आगे कहा, “अब ईरान अलग है, उन्होंने हमें सूचित किया है कि वे इस शांति समझौते के पूरी तरह पक्ष में हैं। वे इसे एक अच्छी पहल मानते हैं, और हम उनके साथ मिलकर आगे काम करेंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने देश का पुनर्निर्माण करे, लेकिन उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके पास परमाणु हथियार न हों।

ट्रम्प के मुताबिक, ईरान पर हुए हमले ने “क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बदल दिया” और अब मध्य पूर्व में “शांति और सहयोग के नए युग” की संभावना बढ़ गई है।