बस्तर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी, बस्तर के किसान चिंतित
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक गहरा अवदाब (मजबूत सिस्टम) बना हुआ है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इस वजह से 28 अक्टूबर को बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। यह अधिकतम 80 किमी तक पहुंच सकती है। इससे बस्तर संभाग में तेज हवा चलने के साथ भारी बारिश होगी। 28 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, इनमें नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा 5 शामिल है। वहीं कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभाावना है।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया, मानसून सीजन 30 सितंबर को ही खत्म माना जाता है। इसलिए अक्टूबर में होने वाली बारिश मौसम विभाग सालाना वर्षा के रूप में रिकॉर्ड करता है। इस साल अब तक 1 से 26 अक्टूबर तक 89.4 मिमी पानी गिर चुका है। 26 दिन की औसत वर्षा 56.2 मिमी है। यानी औसत से 59 फीसदी ज्यादा पानी अब तक गिर चुका है। अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश और तेज हवा का असर फसलों पर पड़ेगा। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा और बारिश के कारण खराब हो सकती है। जिन किसानों की फसल की कटाई हो चुकी है और उन्हें सुरक्षित भंडारण नहीं किया होगा तो फसल के भी भीगने की आशंका है। मौसम विभाग ने इस संबंध में किसानों को फसलों को बारिश से बचाने की सलाह दी।









