रानी दुर्गावती की जयंती पर गोंड समाज ने दी श्रद्धांजलि
समाज के सदस्यों ने रानी दुर्गावती के अद्वितीय साहस, नेतृत्व क्षमता और बलिदान को याद करते हुए कहा कि वह न केवल गोंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली रानी थीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान और नारी शक्ति की अमर प्रतीक भी हैं। वक्ताओं ने कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और अपने साम्राज्य तथा सम्मान की रक्षा के लिए युद्धभूमि में वीरगति पाई। उनका जीवन आज भी आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष दिनेश शाह ने कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और गौरव की पुनर्स्थापना का अवसर है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को रानी दुर्गावती के संघर्ष और आदर्शों से परिचित कराना हमारा कर्तव्य है।
महिला अध्यक्ष नीतू कुमारी ने कहा कि रानी दुर्गावती ने उस युग में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की, जब समाज में महिलाओं की भूमिका सीमित थी। उनका संघर्ष आज भी हमें अपनी अस्मिता और अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में अम्बे ठाकुर, मंजू देवी, चंपा देवी, शांति देवी, रामा नंद प्रसाद, कन्हैया शाह, मदन शाह, हरकेश शाह, बॉबी शाह, उमेश शाह, मनोज प्रसाद, अंजू देवी, सोहन शाह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने रानी दुर्गावती के आदर्शों को समाज में प्रसारित करने और युवाओं में स्वाभिमान की भावना जगाने का संकल्प लिया।









