चार माह से भी कम समय में पद से हटाए गए मंगाेलियाई पीएम जंदनशतार
देश में सत्तारूढ़ मंगोलियाई पीपुल्स पार्टी (एमपीपी) में आंतरिक कलह भी प्रधानमंत्री जंदनशतार के इस्तीफे काे कारण माना जा रहा है। यह राजनीतिक उथल-पुथल ऐसे समय पर हाे रहा है जबकि अगले वर्ष का बजट अभी तक संसद से पारित नहीं हुआ है। दूसरी ओर शिक्षक भी बजट में वेतन वृद्धि की मांग काे लेकर इस सप्ताह हड़ताल पर चले गए, चिकित्सक भी हड़ताल करने की धमकी दे रहे हैं।
गाैरतलब है कि, 55 वर्षीय गोम्बोजाविन जंदनशतार ने जून में तत्कालीन प्रधानमंत्री लुवसन्नामस्रेन ओयुन एर्डीन काे चुनाव में हरा कर सत्ता पर काबिज हुए थे। लेकिन, कुछ ही महीनों में दो प्रधानमंत्रियों की बर्खास्तगी से देश में नीतिगत अनिश्चितता पैदा होगी और संसाधन -समृद्ध इस देश के प्रति निवेशकों का रुझान कम होगा।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं कि जंदनशातार के विकल्प के ताैर पर किसे चुना जाएगाा। इस बीच, मंगोलिया के राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख ने अगले प्रधानमंत्री को नामित करने की उम्मीद है, जिसके लिए स्टेट ग्रेट खुराल या संसद की मंजूरी की आवश्यकता होगी। तब तक उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में बने रहने का आदेश दिया गया है।









