गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम को कोर्ट ने विदेश जाने की मंजूरी दी

प्रार्थना पत्र में अधिवक्ता अश्विनी बोहरा ने कहा कि प्रकरण में उसके खिलाफ 30 सितंबर 2013 को चालान पेश हो चुका है और केस की ट्रायल 12 साल से पेंडिंग चल रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के अनुसार किसानों की नॉलेज क्षमता में बढ़ोतरी के लिए नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम शुरू किया गया है। पहले चरण में प्रगतिशील युवा कृषकों को डेनमार्क, नीदरलैंड, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्राजील आदि देशों में भेजा जाएगा। डेनमार्क में ही इस संबंध में नॉलेज शेयरिंग मीटिंग होना प्रस्तावित है और इसमें पशु पालन व ग्रामीण विकास के मंत्री डेलिगेशन हिस्सा लेंगे। प्रार्थी भी इस विभाग का राज्य मंत्री है और उसकी भी डेनमार्क यात्रा प्रस्तावित है। इसलिए उन्हें 8 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक विदेश जाने की मंजूरी दी जाए। जिसका विरोध करते हुए सीबीआई की ओर से कहा गया कि प्रार्थी की ओर से प्रार्थना पत्र के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। यदि उन्हें विदेश जाने की अनुमति दी जाती है तो उनके भाग जाने का अंदेशा रहेगा। इसलिए उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जाए। इस पर अदालत ने कहा कि प्रार्थना पत्र के साथ कैबिनेट सचिव की ओर से जारी प्रारूप पेश किया गया है। जिससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री ने प्रार्थी को विदेश जाने की स्वीकृति दी है और भारत सरकार की ओर से इसका अनुमोदन होना बाकी है। ऐसे में उन्हें विदेश जाने की सशर्त अनुमति दी जाती है।