धौलाधार की पहाड़ियां अक्टूबर में ही बर्फ से हुई लकदक, कांगड़ा घाटी में शीतलहर
बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की बर्फबारी पूर्व के वर्षों में अधिकतर दिसंबर माह में देखने को मिलती थी, ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि जिस तरह इस वर्ष बरसात समय से पूर्व आई थी, उसी तरह बर्फबारी का दौर भी समय से पहले शुरू हो गया है, जो कि पर्यटन क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत है। यदि धौलाधार पर गिरी बर्फ की चादर वीकंड तक टिकी रहती है तो निश्चित तौर पर पर्यटन आमद पिछले वीकंड के मुकाबले दो गुना होने की उम्मीद है।
उधर, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला के अध्यक्ष राहुल धीमान का कहना है कि अक्टूबर में धौलाधार पर बर्फबारी अच्छा संकेत है। बर्फबारी का पर्यटन को लाभ मिलता है, आगामी दिनों में बर्फ टिकी रहती है और बारिश न हो तो निश्चित तौर पर पर्यटक आमद बढ़ेगी।









