हंगरी में शांति रैली: 1956 की क्रांति को याद करने का जश्न

1956 में आज ही के दिन हंगरी के छात्रों ने सोवियत संघ के खिलाफ विद्रोह शुरू किया था, जिसे सोवियत सेना ने कुचल दिया।इस दाैरान हजारों लोग मारे गए। हंगरी इस दिन काे ‘राष्ट्रीय अवकाश’ के रूप में मनाता है।

खबराें के मुताबिक यह रैली एल्विस प्रेस्ले स्क्वायर से शुरू हाेकर शहर के प्रमुख रास्तों से गुजरते हुए संसद भवन तक पहुंची।

इस दाैरान रैली में माैजूद लगभग दाे लाख प्रदर्शनकारियाें ने ऑर्बन की शांति नीति का समर्थन किया, जिसमें यूक्रेन युद्ध के बीच हंगरी की तटस्थता पर जाेर दिया गया है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबाेधन में कहा, “1956 की भावना आज भी हमें प्रेरित करती है। आज शांति की आवाज सबसे मजबूत होनी चाहिए। हंगरी शांति का द्वीप है।” यह मार्च आगामी चुनावों में ऑर्बन सरकार के लिए भारी समर्थन के ताैर पर देखा जा रहा है। इस अवसर पर विपक्षी दलों ने अलग अलग रैलियां निकाली।