सिरसा: सिंचाई विभाग द्वारा छोटे किए गए मोघों के विरोध में उतरे किसान
उन्होंने बताया कि कानूनी तौर पर जब कोई भी सरकारी कार्य होता है तो उसके लिए नियमानुसार प्रक्रिया चलती है, लेकिन यहां तो संबंधित विभाग ने सभी नियमों को दरकिनार करते हुए रातों-रात चोरी-छिपे मोघों का साइज छोटा कर दिया। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि एक तो पहले ही सिंचाई के लिए बनाए गए शैड्यूल को सरकार ने मनमाने तरीके से बदल दिया है, वहीं दूसरी ओर मोघों का साइज छोटा करने से किसानों के सामने समस्या और गहरा जाएगी, जिससे खेती घाटे का सौदा बन जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर संबंधित विभाग को कानूनन कार्य करना था तो वो किसानों को इस संबंधी कोई नोटिस दे सकते थे, लेकिन अधिकारियों ने रातों-रात मोघों का साइज कम कर दिया। किसानों की मांग है कि मोघों की पहले वाली स्थिति बहाल की जाए, ताकि वे अपनी फसल का उत्पादन कर परिवार का पालन-पोषण कर सकें। धरनारत लोगों ने कहा कि वर्तमान सरकार में अफसरशाही इतनी हावी है कि बिना किसी सूचना के कार्य कर आम जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार की पकड़ न होने से अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं। किसानों ने कहा कि जब तक उनके मोघों का साइज पुराना नहीं दिया जाता, वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।









